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An Oriya journalist, arrested on September 20 for his alleged links with Maoists, was given bail by the Orissa High Court on Tuesday. Laxman Choudhury, 40, a stringer of Samba...
खेल और अन्य आयोजनों के मीडिया कवरेज पर रोक के अलावा इंटरनेट से उत्पन्न चुनौतियों और पत्रकारिता के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रमुख मीडिया हस्तियां हैदराबाद में आयोजित होन...
आईबीएन-लोकमत चैनल के मुबंई दफ्तर पर शिवसैनिकों के हमले के विरोध का स्वर बेहद दबा नजर आया। शिव सैनिकों के कुछ वर्ष पूर्व के मीडिया पर हमलों के विरोध को याद करें तो उसकी तुलना म...
|| किसलय || हाय रे लोकतंत्र..! झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान प्रतिशत के आंकडे देखने के बाद तो बस यही आह निकलती है। खासकर, राज्‍य की राजधानी में आंकडो की इस...
जी हां, लिब्रहान आयोग की सिफारिश पर अमल किया गया तो पत्रकारों को भी सरकार लाइसेंस देगी। गडबडी करनेवालों पर अनुशासनात्‍मक कार्रवाई होगी, उनका का लाइसेंस निलंबित या कैन्सिल भी क...

बेबाक पत्रकार प्रभाष जोशी खामोश हो गए !

दिल्‍ली/रांची: भारतीय पत्रकारिता में 50 साल निष्‍कलंक उपस्थिति दर्ज करानेवाले विख्‍यात पत्रकार प्रभाष जोशी अब नहीं रहे। गुरूवार, 05 नवंबर 2009, की रात दिल का दौरा पडने से उनका निधन हो गया। उनका क्रिकेट प्रेम जग जाहिर है। 73 वर्षीय जोशी उस वख्‍त भी टीवी पर क्रिकेट मैच देख रहे थे। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्‍हें एक निजी अस्‍पताल में पहुंचाया गया जहां करीब साढे ग्‍यारह बजे उन्‍होंने अंतिम सांसें लीं। उनके परिवार में पत्‍नी, दो पुत्र और पुत्री हैं।

पुष्‍पेंद्र फिर बने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव

दिल्‍ली, 25 अक्‍टूबर 09: पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ चौथी बार प्रेस क्लब आफ इंडिया के सेक्रेट्री जनरल बन गए हैं। उनके पैनल ने फिर बाजी मार ली है। पुष्पेंद्र सेक्रेट्री जनरल पद पर नदीम ए. काजमी को हराने में कामयाब हो गए हैं। ताजी सूचना के अनुसार उपाध्यक्ष पद पर पुष्पेंद्र पैनल और नदीम पैनल के एक-एक प्रत्याशी ने जीत हासिल करने में कामयाबी पाई है। पुष्पेंद्र पैनल से वीपी पद पर रीतू वर्मा और नदीम पैनल से वीपी पद पर विजय सलूजा विजयी निर्वाचित किए गए हैं।

मीडिया में मुस्लिम औरतें दिखती भी हैं मगर इस तरह

कहते हैं कि "मीडिया में जो सच नहीं होता, कई बार वह सच से भी बड़ा सच लगने लगता है।" कहते हैं ऐसे हालत से बचने के लिए "जो दिख रहा है वो क्यों दिख रहा है को लेकर चलो" तो कुछ ज्यादा पता चलता है। ऐसे ख्यालों से बेदखल दिलोदिमाग के बीच मेरी नजर यूट्यूब में कुछ और सर्च करते-करते कहीं और जा अटकी।

FLASH BACK

.. हुंह.. कितनी बडी-बडी बातें सुन रखी थीं: चौथा स्‍तंभ.. ओपि...
जी हां, लिब्रहान आयोग की सिफारिश पर अमल किया गया तो पत्रकारो...
Wrapping sandwiches or fish and chips in that morning’s news...