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ट्राई के फरमान से प्रसारण नेटवर्क के माथे पर बल

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दूरसंचार नियामक संस्‍था ट्राई की ओर से केबल के लिए नई दरों की सीमा तय करने के फरमान से प्रसारण कंपनियां और केबल टीवी ऑपरेटर परेशान हैं जबकि घाटे में चल रहे डायरेक्‍ट-टू-होम (डीटीएच) सेवा प्रदाता खुश हैं।

प्रसारण कंपनियां नियामक के इस आदेश को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रही हैं। कंपनियों ने इस सिलसिले में आगामी रणनीति तय करने के लिए कई दौर की बैठकें की हैं।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पिछले सप्ताह एक आदेश जारी कर प्रसारणकर्ताओं के लिए कैस इलाकों में डीटीएच आपरेटरों एवं आईपीटीवी ऑपरेटरों को उस दर के 35 प्रतिशत शुल्क पर चैनल उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया, जिस दर पर सामान्य केबल ऑपरेटर शुल्क का भुगतान करते हैं।

इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन के चेयरमैन और डिश टीवी के मैनेजिंग डायरेक्‍टर जवाहर गोयल ने कहा, ‘ट्राई के नए फरमान से प्रसारणकर्ता व्यथित हैं। हम अदालत में जाने के लिए अपने वकीलों से विचार-विमर्श कर रहे हैं। याचिका का मसौदा अगले सप्ताह तक तैयार हो जाने की उम्‍मीद है।’

स्‍टार डेन नेटवर्क के सीईओ गुरजीव सिंह कहते हैं, ‘डीटीएच ऑपरेटरों को छोड़कर अन्‍य किसी हिस्‍सेदार को ऐसा फरमान नहीं सुनाया गया है। हम अपनी आगामी रणनीति के लिए अन्‍य प्रसारणकर्ता कंपनियों से विचार-विमर्श कर रहे हैं।’