दैनिक भास्कर ने प्रिंट और ऑनलाइन मीडिया में रियल टाइम रिपोर्टिंग की कमी को पूरा करने के लिए 220 शीर्ष स्तर के पत्रकारों को प्रशिक्षित किया है। जिस स्थान पर कोई घटना घटित हुई है, उसकी खबर घटनास्थकल से ही दाखिल करने को रियल टाइम रिपोर्टिंग कहा जाता है।
टेलीविजन समाचार में ओबी वैन के जरिये ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग की जाती है, लेकिन प्रिंट और ऑनलाइन मीडिया में इस तरह का कोई चलन नहीं है। हालांकि दैनिक भास्कर ने इस कमी को पूरा करने की पहल की है।
दैनिक भास्कर समूह के प्रबंध संपादक यतीश राजावत ने इस नए रिपोर्टिंग मॉडल के बारे में कहा, “इस संबंध में सबसे बड़ा निवेश पत्रकारों की मानसिकता को बदलना और इन्हें प्रशिक्षित करना है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी के स्तर पर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में बुनियादी ढांचे में निवेश करना होगा। सच्चाई यह है कि हम शुरुआती हिचक को तोड़कर पत्रकारिता की नई नस्ल के साथ आनंद का अनुभव करना चाहते हैं।”
राजावत के अनुसार, “रियल टाइम रिपोर्टिंग के पहले चरण में हम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और पंजाब के 13 बड़े शहरों को कवर करेंगे। इसमें भोपाल, इंदौर, रायपुर, जोधपुर, उदयपुर, अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, छत्तीसगढ़ और लुधियाना के अलावा कुछ और शहर शामिल हैं। इसके बाद और पत्रकारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा जिससे वे मल्टीमीडिया रिपोर्टिंग में पारंगत हो सके।’’ उन्होंने आगे कहा, “हालांकि अधिकांश समाचारपत्र लगातार प्रिंट पर ही अपना जोर दे रहे हैं। दैनिक भास्कर में हम लोग प्रिंट और इंटरनेट दोनों के रिपोर्टिंग आउटपुट का विलय कर रहे हैं। यह हमारे समाचारपत्र के कंटेंट को अन्य की तुलना में बेहतर बनाने में मदद करेगा।”
इस नये मॉडल से इवेंट को अच्छी तरह से कवर किया जा सकेगा और समाचारपत्र को अधिक से अधिक अपडेट किया जा सकेगा।
(Source: Bhaskar.com)