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40 वर्षों में खत्‍म हो जाएंगे अमेरिकी अखबार!

अमेरिका में हाल में हुए एक सर्वे के मुताबिक वहां के लोग अखबारों के भविष्‍य को लेकर उस तरह आशावादी नहीं हैं, जैसा एक समय होता था। सर्वे के अनुसार 64 फीसदी अमेरिकी जनता का मानना है कि वर्ष 2050 तक देश में अखबारों का अस्तित्‍व मिट जाएगा। इस सर्वे में शामिल लोग भविष्‍य में युद्ध और आतंकवादी हमलों की आशंका से भयभीत दिखाई दिए।

यह भविष्‍यवाणी केवल अखबारों के अस्तित्‍व को लेकर ही नहीं बल्कि गैर-डिजिटल हर वस्‍तुओं पर लागू होती है। करीब 63 फीसदी लोगों का मानना था कि 2050 तक ‘पेपर मनी’ का प्रचलन खत्‍म हो जाएगा और उस वक्‍त तक कोई भी एक दूसरे को चिट्ठी नहीं भेजेगा। लोगों की इन भविष्‍यवाणियों में दम भी दिखता है क्‍योंकि अमेरिका के डाकघर इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रहे हैं। यह गौर करने वाली बात होगी कि अखबार और डाकघर अपना अस्तित्‍व बचाने के लिए किस तरह का प्रयास करते हैं और यह कितना फायदेमंद होता है।

अखबारों और डाकघरों को एक जैसा दिखाने की कोशिश भी बेहद रोचक है। आज के डिजिटल युग में दोनों ही बीते जमाने की चीज लगती है लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में इन दोनों की कमी जरूर खलेगी जब ये हमारे बीच नहीं रहेंगे। अखबारों और चिटि्ठयों की गैरमौजूदगी से हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में आमूल-चूल बदलाव होंगे।

सर्वे के मुताबिक 53 फीसदी लोगों का मानना है कि 2050 तक साधारण आदमी भी अंतरिक्ष की सैर करने के काबिल हो जाएगा। इतने ही लोगों का मानना है कि अमेरिका में परमाणु आतंकवादी हमला हो सकता है। लोगों का मानना है कि समाज में आ रहे बदलाव का पहला शिकार अखबार ही होगा।